राजकुमार – आगर मालवा। कृषि उपज मंडी में फसलों की नीलामी के बाद नगद भुगतान न मिलने से आक्रोशित किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंडी का मुख्य गेट बंद करने के बाद गुस्साए किसान नारेबाजी करते हुए शहर के व्यस्तम छावनी नाका चौराहे पर पहुंच गए और वहां चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि वे भारी-भरकम डीजल और भाड़ा खर्च करके अपनी उपज बेचने मंडी आते हैं। मंडी में उपज की नीलामी के बाद व्यापारियों ने नगद भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया और केवल चेक या आरटीजीएस (RTGS) के जरिए भुगतान की बात कही। किसानों के अनुसार, डिजिटल या चेक भुगतान की कोई निश्चित समय-सीमा तय न होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान और समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
चौराहे पर काफी देर तक चले हंगामे और नारेबाजी की सूचना मिलते ही पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित किसानों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने चक्काजाम खत्म किया, जिसके बाद हाईवे पर आवागमन बहाल हो सका।
“इस संबंध में मंडी व्यापारियों और बैंक अधिकारियों से चर्चा की गई है। बैंकों में जितना कैश उपलब्ध रहेगा, उतना नगद भुगतान किसानों को तत्काल करा दिया जाएगा। समझाइश के बाद किसान मंडी लौट गए हैं, जहां अधिकारियों, व्यापारियों और किसानों के बीच आपसी तालमेल से सर्वसम्मत निर्णय लिया जाएगा।”
— कमल मंडलोई, एसडीएम, आगर
