राजकुमार – आगर मालवा: सड़क हादसों में घायल और अचानक हृदयघात (हार्ट अटैक) का शिकार हुए लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से आगर जिला पुलिस ने एक अनुकरणीय पहल की है। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) दिलीप कुमार सोनी के मार्गदर्शन में ‘जीवन रक्षक मिशन’ की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य मकसद आम नागरिकों को आपात स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा और त्वरित सहायता देने के लिए प्रेरित व प्रशिक्षित करना है।
दुर्घटना में जान बचाने पर मिलेगा ₹25,000 का पुरस्कार – अक्सर लोग पुलिसिया कार्रवाई या अदालती झंझटों के डर से हादसे में घायलों की मदद करने से कतराते हैं। इसी डर को दूर करने के लिए पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के समय बिना डरे घायलों की जान बचाने वाले नागरिक ‘हीरो’ कहलाएंगे। ऐसे मददगार नागरिकों को राजवीर योजना के तहत प्रोत्साहित करने के लिए ₹25,000 तक की राशि और सम्मान देने का प्रावधान किया गया है।
डॉक्टरों ने सिखाई CPR और प्राथमिक चिकित्सा की तकनीक – मिशन के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने मौजूद नागरिकों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया:
“CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन): अचानक दिल का दौरा पड़ने पर मरीज की धड़कन और ऑक्सीजन लेवल बनाए रखने के लिए सही तरीके से सीपीआर देने की विधि सिखाई गई।”
“रक्तस्राव पर नियंत्रण: गंभीर चोट लगने की स्थिति में अतिरिक्त खून बहने से रोकने के लिए तुरंत किए जाने वाले प्राथमिक उपायों की जानकारी दी गई।”
“सुरक्षित परिवहन: घायलों को बिना किसी अतिरिक्त शारीरिक नुकसान के सुरक्षित तरीके से अस्पताल तक पहुँचाने की तकनीकों से अवगत कराया गया।
छावनी नाका चौराहे से हुई शुरुआत
जीवन रक्षक मिशन’ का भव्य शुभारंभ गुरुवार शाम को आगर जिला मुख्यालय स्थित छावनी नाका चौराहे पर किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रवीन्द्र कुमार बोयट, एसडीओपी (SDOP) मोतीलाल कुशवाहा, कोतवाली थाना प्रभारी नागेश यादव तथा आगर यातायात थाना प्रभारी सौरभ चौहान सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
