राजकुमार – आगर मालवा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों का आंदोलन बुधवार को उग्र रूप ले गया। सुबह से कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर बैठे किसानों को जब देर शाम तक प्रशासनिक अधिकारियों से कोई ठोस और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने अनिश्चितकालीन डेरा डालने का ऐलान कर दिया। किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर ही चूल्हा जलाकर दाल-बाटी बनाना शुरू कर दिया और वहीं रात्रि विश्राम की तैयारी कर ली।प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग वर्ष 2025-26 में सोयाबीन की फसल में हुए भारी नुकसान की ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत तत्काल मुआवजा/दावा राशि जारी कराना है। इसके अलावा फसल नुकसान के सटीक सर्वे और अन्य स्थानीय समस्याओं के निराकरण की मांग की जा रही है।किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। जब तक बीमा राशि के भुगतान की समय-सीमा और ठोस रोडमैप तय नहीं होता, तब तक कलेक्ट्रेट गेट से धरना समाप्त नहीं होगा। कलेक्ट्रेट परिसर में किसानों के इस अनूठे प्रदर्शन से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
आगर मालवा: कलेक्टर कार्यालय के बाहर किसानों का डेरा, गेट पर ही बनाई दाल-बाटी, दिनभर से जारी प्रदर्शन, पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं
