आगर-मालवा — विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय आगर में लंबे समय से चर्चा में रहे 21.21 लाख रुपए के फर्जी और कपटपूर्ण भुगतान के मामले में अब प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जांच में दोषी पाए गए 10 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) और राशि की रिकवरी के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है।
डीईओ ने दी जानकारी: एसपी को लिखा जाएगा पत्र – जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) नीतीश कुमार पांडे ने बताया कि इस प्रकरण में संलिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही, जिन लोगों के बैंक खातों में यह राशि ट्रांसफर हुई है, उनसे रिकवरी की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए प्रतिवेदन तैयार कर लिया गया है और फाइनल चेकिंग के बाद बैंक को रिकवरी हेतु प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
कोष एवं लेखा संचालनालय ने भी दिए सख्त निर्देश – इस गंभीर मामले में कार्यालय आयुक्त कोष एवं लेखा, मध्य प्रदेश द्वारा भी सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग (भोपाल) और आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय (भोपाल) को पत्र भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस प्रकरण में संलिप्त सभी आरोपी अधिकारियों, कर्मचारियों व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई और दंडात्मक ब्याज सहित वसूली सुनिश्चित की जाए।
भ्रष्टाचार के मामले में 10 अधिकारी/कर्मचारी कार्रवाई की अनुशंसा – कलेक्टर द्वारा गठित जांच कमेटी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए निम्नलिखित 10 लोगों के नामों की अनुशंसा की है: 1. के.के. माहेश्वरी प्राचार्य 2. ब्रजराज सिंह राठौड़ प्राचार्य 3. प्रहलाद सिंह राठौड़ माध्यमिक शिक्षक 4. मनोहर लाल सिसोदिया शिक्षक 5. पोप सिंह राठौड़ शिक्षक 6. भारत सिंह राठौड़ शिक्षक 7. प्रहलाद सिंह राठौड़ शिक्षक 8. सरिता राठौर शिक्षक 9. गजराज सिंह राठौड़ अतिथि शिक्षक 10. श्रीपाल सिंह राठौड़ शिक्षक
