राजकुमार – 19 सितम्बर को आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में उड़ीसा से दर्शन पूजन करने आए 08 श्रद्धालुओं की उफने नाले में कार बह गई थी, जिस कारण पानी में डूबने उनकी दर्दनाक मौत हो गई, इतने बड़े दुखद हादसे के बाद भी जिला प्रशासन नहीं जागा और ना अभी तक कोई जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गई, जिस कारण नगर वासियों में भारी आक्रोश है, आक्रोशित नगरवासी 23 सितंबर से अनिश्चितकालीन कालीन धरने पर बैठ गए, और रविवार को मां बगलामुखी मंदिर में हवन यज्ञ बंद कर सम्पूर्ण नगर को भी बंद किया, नगर वासियो का कहना है कि वह 23 सितंबर से धरने पर बैठे हैं लेकिन प्रशासन से उनको कोई संतोष पूर्वक जवाब नहीं मिला, घटना के इतने दिन बाद भी प्रशासन द्वारा जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई, इतना बड़ा दुखद हादसा गठित हो गया फिर भी प्रशासन के कान में जूह नहीं रेंग रही, इस नगर बंद के धरने में सभी नगर वासियों का भरपूर सहयोग भी मिला रहा है, नगर बंद से क्षेत्र की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।
नगर बंद की सूचना मिलने पर नलखेड़ा पहुंचे आगर कलेक्टर से नगर वासियों का एक प्रतिनिधित्व मंडल ने मुलाकात भी की, लेकिन कोई हल नहीं निकला, धरना स्थल पर बैठे नागरिकों का कहना हे कि, घटना के इतने दिन बीत गए लेकिन प्रशासन बिल्कुल भी ठोस नहीं है, कलेक्टर द्वारा अभी तक कोई जांच कमेटी का गठन नहीं किया और अब कलेक्ट 07 दिन का और समय मांग रहे है, अब सवाल यह उठता है कि आखिर कलेक्टर अब तक क्या कर रहे थे कि अब वह जांच समिति बनाएंगे इतनी बड़ी दुखद घटना घट जाने के बाद भी जांच कमेटी धरना प्रदर्शन के बाद बनने जा रही है। नागरिकों का कहना है कि जब तक कोई ठोस कारवाही नहीं होगी धरना जारी रहेगा और नगर एवं हवन यज्ञ भी बंद रहेंगे।
