आगर मालवा। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय आगर से जुड़े 25.10 लाख रुपये के कथित कपटपूर्ण एवं फर्जी भुगतान प्रकरण की जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच समिति ने अपने प्रतिवेदन में दस शिक्षक, अतिथि शिक्षक एवं प्राचार्यों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने की अनुशंसा की है।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार संबंधित व्यक्तियों द्वारा कुछ शासकीय सेवकों के भुगतान अन्य शासकीय सेवकों के बैंक खातों में करवाए जाने तथा कुछ मामलों में एक ही कर्मचारी के नाम से एक से अधिक बैंक खातों में भुगतान किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला मात्र त्रुटिवश भुगतान का नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से किए गए फर्जी भुगतान से संबंधित प्रतीत होता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रकरण में संबंधित लिपिकों, संकुल प्राचार्यों, आहरण एवं संवितरण अधिकारियों तथा अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच आवश्यक है। समिति ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की है।
उल्लेखनीय है कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अनुशंसाएं की गई हैं। मामले में अंतिम निर्णय एवं दोष निर्धारण सक्षम प्राधिकारी अथवा न्यायालय द्वारा किया जाना शेष है।
