राजकुमार – आगर मालवा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में रविवार को प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। तेज बारिश के बाद पूरे सभा स्थल मैदान में पानी भर गया और ज़मीन कीचड़ में तब्दील हो गई। हालात यह रहे कि कार्यक्रम में शामिल होने आए आम लोगों को भारी फजीहत का सामना करते हुए कीचड़ से बचकर निकलना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ी।
आयोजन स्थल पर आवाजाही के लिए पक्के या सुरक्षित रास्तों का कोई इंतजाम नहीं था। सभा में महिलाओं की बड़ी मौजूदगी के बावजूद उनके आने-जाने के रास्तों पर ज़रा भी ध्यान नहीं दिया गया। लोग जूते-चप्पल हाथों में संभालते हुए और फिसलते हुए आगे बढ़ते नज़र आए।
यह कार्यक्रम पहले से तय था और बारिश के मौसम को देखते हुए मैदान में जल निकासी, सुरक्षित पैदल पथ और कीचड़ से बचाव के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे। इसके बावजूद ज़मीन पर ऐसी कोई तैयारी नहीं दिखी। लाखों रुपये के बजट से बने इस आयोजन स्थल की दुर्दशा ने जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जब जिलेभर से हज़ारों लोगों का जुटना तय था, तो बारिश की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतजाम क्यों नहीं किए गए? मौसम के कारण अव्यवस्था भले ही सामने आई हो, लेकिन आमजन की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना आयोजकों और अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी थी।
