सर्पदंश का समय पर ईलाज न होने से मासूम की मौत, गुस्साए स्थानीय लोगों ने सुसनेर सिविल अस्पताल में लगाया मरीज रेफर सेन्टर का होडिंग, की जमकर नारेबाजी

सर्पदंश का समय पर ईलाज न होने से मासूम की मौत, गुस्साए स्थानीय लोगों ने सुसनेर सिविल अस्पताल में लगाया मरीज रेफर सेन्टर का होडिंग, की जमकर नारेबाजी

राज कुमार – आगर मालवा। ज़िले के सुसनेर में दो दिन पहले सर्पदंश का शिकार हुए एक मासूम की समय पर इलाज ना मिलने से मौत के मामले में आक्रोश का माहौल है। अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं से नाराज़ लोगों ने अस्पताल के बाहर ‘मरीज रैफर सेंटर’ का बोर्ड लगा दिया है। बीते दो दिन पहले एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई, आरोप है कि अस्पताल में रखा एंटी स्नेक इंजेक्शन वहां मौजूद डॉक्टर को नहीं मिला।

जिसके चलते डॉक्टर ने बिना इलाज करें बच्चे को रैफर कर दिया। समय पर इलाज और डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण उसकी जान नहीं बच पाई। घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और सिविल अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी हुई। लोगों का कहना है कि यह अस्पताल इलाज से ज़्यादा मरीजों को सिर्फ रैफर करने का केंद्र बन गया है।

रोजाना यहां से दर्जनों मरीजो को रैफर कर दिया जाता है, जिससे उनकी असमय मौत भी हो रही है। डॉक्टरों की कमी और प्रशासन की लापरवाही से नाराज़ नगरवासियों ने कल सर्व समाज के बैनर तले सुसनेर नगर बंद का आव्हान किया है। लोगों की मांग है कि अस्पताल में स्टाफ की नियुक्ति हो, और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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