राजकुमार – आगर मालवा- कलेक्टर डॉ. शेरसिंह मीणा के व्यवहार एवं कार्यप्रणाली को लेकर आगर शहर के पत्रकारों की नाराजगी अब आंदोलन के रूप में सामने आने लगी है। कलेक्टर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर को हटाने की मांग की गई थी, लेकिन ज्ञापन सौंपे जाने के करीब एक सप्ताह बाद भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से पत्रकारों ने अब अगला कदम उठाने का निर्णय लिया है। रविवार को आगर शहर के पत्रकारों की एक बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर अब तक हुई कार्रवाई और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। पत्रकारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी बैठक तक भाजपा से जुड़े कार्यक्रमों तथा प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ से संबंधित समाचारों का बहिष्कार किया जाएगा।
पत्रकारों का कहना है कि कलेक्टर के व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व में भी आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है। इसी क्रम में पत्रकारों ने कलेक्टर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद 13 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगर आगमन के दौरान पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर को हटाने की मांग की थी। पत्रकारों के अनुसार मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखे जाने के बावजूद एक सप्ताह बीतने पर भी कलेक्टर को हटाने के संबंध में कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। बैठक में पत्रकारों ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहेंगे। यदि कलेक्टर को हटाने की मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन का स्वरूप और आगामी कार्यक्रम पत्रकारों की अगली बैठक में तय किए जाएंगे। पत्रकारों के इस फैसले के बाद आगर में प्रशासन और स्थानीय पत्रकारों के बीच चल रहा विवाद अब एक नए चरण में पहुंच गया है। भाजपा से जुड़े कार्यक्रमों और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के समाचारों के बहिष्कार के निर्णय को लेकर स्थानीय राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
