आगर-मालवा। जिले के ग्राम आमला के समीप इंदौर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को एक भीषण हादसा सामने आया। एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पर बैठी लगभग आधा दर्जन गायों को बेरहमी से रौंद दिया। हादसे की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चार गायों ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
चीख-पुकार और हाईवे पर बिछ गईं लाशेंप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इंदौर-कोटा हाईवे पर ग्राम आमला के पास कुछ मवेशी सड़क किनारे और मार्ग पर बैठे हुए थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर मवेशियों पर चढ़ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मवेशी दूर तक घिसटते चले गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। बेजुबान जानवरों की इस तरह हुई दर्दनाक मौत को देखकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

चक्काजाम से लगी वाहनों की लंबी कतारें लापरवाह ट्रक चालक की करतूत और बेजुबानों की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हाईवे पर धरना दे दिया और यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। चक्काजाम के कारण इंदौर-कोटा मार्ग के दोनों ओर देखते ही देखते वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। बस, ट्रक और अन्य यात्री वाहनों के पहिए थम गए, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाला, समझाइश के बाद खुला मार्ग – घटना की संवेदनशीलता और हाईवे पर लगे भीषण जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी हरकत में आए। आगर सीएसपी मोतीलाल कुशवाह, सुसनेर एसडीओपी देवनारायण यादव के साथ आगर और सुसनेर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों से सीधी चर्चा की और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई तथा घायल मवेशियों के त्वरित इलाज का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश और काफी मशक्कत के बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क से हटने को तैयार हुए। जाम खुलने के बाद ही हाईवे पर यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका।
