आगर कलेक्टर के आदेश की खुली अवहेलना, मामला विकासखंड शिक्षा अधिकारी आगर के DDO कोड में हुए कपटपूर्ण भुगतान, सात दिन की जांच आठ माह तक नहीं हुई पूरी

आगर कलेक्टर के आदेश की खुली अवहेलना, मामला विकासखंड शिक्षा अधिकारी आगर के DDO कोड में हुए कपटपूर्ण भुगतान, सात दिन की जांच आठ माह तक नहीं हुई पूरी

आगर मालवा। जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारी आगर के DDO कोड में एक कपटपूर्ण भुगतान में मामले आगर कलेक्टर प्रीति यादव द्वारा 6 नवंबर 2025 को एक आदेश पारित कर एक जांच दल गठित किया था जिसकी जांच सात दिवस में पूर्ण होना था परंतु आदेश के आठ माह गुजर जाने के बाद भी अभी तक वह जांच पूरी नहीं हो पाई है, सात दिवस में पूरी होने वाली जांच का आठ माह तक लंबित रहना कई सवाल खड़े कर रही है। क्या जांच किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में रुकी हुई है, या फिर प्रशासनिक उदासीनता इसका कारण है? संबंधित विभाग की चुप्पी से संदेह और गहरा रहा है।

दरअसल कार्यालय आयुक्त कोष एवं लेखा मध्य प्रदेश द्वारा आगर कलेक्टर को अक्टूबर 2025 में एक पत्र लिखकर बताया गया था कि आगर मालवा जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारी आगर के DDO कोड में कपटपूर्ण भुगतान हुए हैं, और संदिग्ध भुगतान की राशि 25 लाख 10 हजार 449 रुपए प्रदर्शित हुई है, और यह राशि एक ही बैंक खाते में अलग-अलग नाम से भुगतान किया गया है, बैंक खाते में बैंक खाताधारक का जो नाम है और भुगतान में दर्शाए गए नाम अलग-अलग व्यक्तियों के प्रदर्शित हुए हैं।

कार्यालय आयुक्त कोष एवं लेखा मध्य प्रदेश द्वारा आगर कलेक्टर को पत्र जारी कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी आगर के डीडीओ कोड में हुए कपटपूर्ण भुगतान की विस्तृत जांच कर मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर आगर कलेक्टर प्रीति यादव द्वारा 6 नवंबर 2025 को एक आदेश पारित एक जांच दल का गठन किया था और जांच सात दिन में पूर्ण होना था जो आठ माह पूर्ण होने के पश्चात भी पूरी नहीं हो सकी।

संबंधित मामले की जांच नियमानुसार सात दिनों में पूरी की जानी थी, लेकिन आठ माह बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। जांच में हो रही असामान्य देरी को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं। आमजन यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है और इसके पीछे क्या कारण हैं।

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