राज कुमार – आगर मालवा। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वनों के संरक्षण रख-रखाव व वनों की बढ़ोतरी के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, एवं वनों को संरक्षण के लिए तरह-तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन आगर जिले में वन परिक्षेत्र के अंतर्गत सभी बीटो में इस समय पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर चल रही है। वन विभाग के कर्मचारी अपनी सुविधा अनुसार रहकर वनों की सुरक्षा में लगे हुए हैं। राजस्व एवं वन विभाग के जंगलों में वर्तमान में लकड़ी की अवैध कटाई की जा रही है। यह कतई आगर जिले में पुष्पा सिंडिकेट की तर्ज पर की जा रही है, जिसमें विभाग से साठगांठ कर पेड़ों की कटाई वन माफिया कर रहे हैं

“रक्षकों के सामने से गुजरते हैं लकड़ी के ट्रैक्टर” – जंगल से काटकर लाई जा रही लकड़ियों से भरे हुए ट्रैक्टर खुले आम शहर में घूमते हैं, इन्हें शहर में आने के लिए दो मुख्य मार्ग जुड़े हुए हैं जो एक बैजनाथ बाइपास व एक आगर – सुसनेर मार्ग इन दोनों मार्ग के बीच में ही वन विभाग स्थित है फिर भी विभाग इन वन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता
इस कार्यालय के दोनों तरफ के साइड से निकल रहे रोड से ही अवैध रूप से काटकर लाई जारी लकड़ियों के ट्रैक्टर गुजरते हैं, लेकिन वन विभाग उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही ना ही विभाग द्वारा धरपकड़ के लिए कोई अभियान चलाया जा रहा है, यहां पर पूरा काम सांठगांठ से ही चल रहा है।
