आगर मालवा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही इन दिनों दूसरी किस्त के इंतजार में परेशान हो रहे हैं। आगर नगर पालिका द्वारा फरवरी माह 2026 में योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के खातों में आवास निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपए भेजे गए थे। इस राशि के भरोसे कई हितग्राहियों ने अपने पुराने मकान तोड़कर नए मकानों की नींव रख दी, लेकिन अब तक दूसरी किस्त जारी नहीं होने से निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
स्थिति यह है कि केवल पहली किस्त से मकान का निर्माण पूरा कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। अधूरे और खुले मकानों में रहना हितग्राहियों के लिए मुश्किल बन गया है। कई परिवारों को अस्थायी रूप से अन्य जगहों पर शरण लेनी पड़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मुख्यतः गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को दिया जाता है। ऐसे में ये परिवार इतने सक्षम नहीं होते कि मकान निर्माण के दौरान लंबे समय तक किराए के मकान का खर्च उठा सकें।
जानकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्र में तीन माह के लिए किराए का औसत खर्च करीब 15 हजार रुपए तक पहुंच जाता है। यदि किस्तों के बीच तीन-तीन माह का अंतर रहता है, तो हितग्राहियों को लगभग 9 माह तक किराए के मकान में रहना पड़ सकता है, जिसका कुल खर्च लगभग 50 हजार रुपए तक पहुंच जाता है।
ऐसी स्थिति में हितग्राहियों के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है—एक ओर अधूरा मकान, दूसरी ओर बढ़ता किराया और अन्य खर्च। हितग्राहियों का कहना है कि समय पर किस्त जारी नहीं होने से उनका “सपनों का आशियाना” बनाना मुश्किल होता जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दूसरी किस्त जारी की जाए, ताकि निर्माण कार्य पूरा हो सके और उन्हें राहत मिल सके।
