जिला अस्पताल आगर के SNCU में स्टाफ की लापरवाही से बदले दो नवजात बच्चे, मामले में सिविल सर्जन ने इंचार्ज “डॉ राहुल सेठिया” सहित सात कर्मचयों को दिया नोटिस

जिला अस्पताल आगर के SNCU में स्टाफ की लापरवाही से बदले दो नवजात बच्चे, मामले में सिविल सर्जन ने इंचार्ज “डॉ राहुल सेठिया” सहित सात कर्मचयों को दिया नोटिस

राज कुमार – आगर मालवा। शनिवार रात्रि में जिला अस्पताल आगर के एसएनसीयू (SNCU) में स्टाफ नर्सों की लापरवाही के चलते दो महिलाओं के नवजात शिशु आपस में बदल गए थे। जिस कारण दोनों नवजात बच्चों के परिजनों और स्टाफ के बीच में तीखी नोज-झोंक भी हुई, जानकारी के मुताबिक ग्राम ताख़्ला निवासी मंजू बाई और आगर निवासी आफरीन रंगरेज दोनों के बच्चे शनिवार रात को आपस में बदल गए।

दरअसल, रात में जब आफरीन की मां अपने नातिन को लेने पहुंचीं, तो वहां मौजूद स्टाफ नर्स ने गलती से मंजू बाई का बच्चा उन्हें दे दिया। थोड़ी देर बाद जब मंजू बाई के परिजन पहुंचे तो उन्हें आफरीन का बच्चा सौंपा गया। इस पर मंजू बाई की मां ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह उनका बच्चा नहीं है, विवाद बढ़ने पर स्टाफ नर्स ने आफरीन के परिजनों के साथ अभद्रता की और उन पर बच्चा चोरी करने का आरोप तक लगा दिया। इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो थे।

जिस मामले में आज रविवार को जिला अस्पताल आगर के सिविल सर्जन डॉ मनीष कुरील ने SNCU इंचार्ज डॉ राहुल सेठिया सहित सात कर्मचारी डॉ. ऋचा सागरिया, प्राची कोटांगले, नमता विश्वकर्मा, तानिया श्रीवास, मनीषा चौधरी, रोशनी दुखी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, वही मामले अगर यह दोषी पाए गए तो अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।

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