राज कुमार – आगर मालवा। भरपूर फसल, लेकिन फिर भी बदहाल हैं किसान। इस बार प्याज ने किसानों की आंखों में पानी ला दिया है। आगर मालवा जिले में प्याज किसानों की मेहनत इस बार बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ गई है। बेमौसम बारिश ने फसल की ऐसी दुर्गति की है कि अब प्याज न खेत में काम आ रही, न मंडी में दाम पा रही।आगर मालवा जिले के किसानों ने लाखों रुपए खर्च कर प्याज की फसल उगाई, लेकिन आसमान से आई आफ़त ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
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खेतों में खड़ी फसल बारिश में खराब हो गई और जो प्याज खेत से बाहर निकली, वह स्टोर करने लायक भी नहीं रही। अब हालात ये हैं कि मंडियों में प्याज के दाम 1 से 5 रुपए प्रति किलो तक गिर गए हैं। किसानों को लागत तक नहीं मिल रही। ऊपर से मंडी तक प्याज पहुंचाने का खर्च और बढ़ती निराशा ने उन्हें और तोड़ दिया है। व्यापारी भी परेशान हैं उनका कहना है कि खरीदी गई प्याज एक हफ्ते से ज्यादा टिक नहीं रही।

प्याज में इतनी नमी है कि वह जल्द ही सड़ने लगती है। क्वालिटी इतनी खराब हो गई है कि कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं।अब किसान सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि प्याज पर समर्थन मूल्य तय किया जाए, तत्काल खरीदी शुरू हो, और फसल बीमा के तहत मुआवजा दिया जाए। किसानों की उम्मीदें अब सिर्फ सरकार से जुड़ी हैं। सवाल ये है कि क्या वक्त रहते राहत मिलेगी, या फिर एक बार फिर किसान की किस्मत प्याज के आंसुओं में ही बह जाएगी।
