अधिक्षिका एवं कर्मचारियों के द्वंद में पिस रहा अबोध बच्चों का जीवन, जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने के एवज में अधीक्षिका को दे रहे संरक्षण।

अधिक्षिका एवं कर्मचारियों के द्वंद में पिस रहा अबोध बच्चों का जीवन, जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने के एवज में अधीक्षिका को दे रहे संरक्षण।

दीपक कुमार गर्ग – शहडोल। आदिवासी कन्या इंग्लिश मीडियम छात्रा वाश में विगत कई महीनो से छात्रावास की अधीक्षिका एवं वहा पर कार्यरत कर्मचारियों के आपसी द्वंद के कारण नन्हे नौनिहाली का भविष्य चौपट होता नजर आ रहा है आपको बता दे की वर्तमान में पदस्थ अधीक्षिका एवं छात्रावास में कार्यरत कर्मचारियों में आपसी मतभेद व्याप्त है छात्रावास में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया की अधीक्षिका हम कर्मचारियों से महिला होने का रशूख दिखा कर बदसलूकी करती हैं जिससे हम खुले मन से छात्रावास का समय से कार्य नही कर पा रहे है जिसका सीधा असर छात्रावास में अध्यनरत बच्चों पर पड़ रहा है वही बच्चों के परिजनों ने भी छात्रावास में पदस्थ अधीक्षिका पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए बताया की बच्चों को न तो समय से नाश्ता न ही भर पेट भोजन मिलता है एवम जो भोजन दिया जाता है उसमे कीड़े कंकड़ पत्थर काफी मात्रा में मिलते हैं वही भोजन के दौरान बच्चो से ही कार्य कराया जाता है वही गंदे पड़े चादरों में बच्चों को सोने को मजबूर होना पड़ता है जिससे कई बार बच्चे गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं अभिभावकों द्वारा जब छात्रावास में फैली अव्यवस्थाओ को लेकर वरिष्ठ अधिकारियो से गुहार लगाते है तो बीईओ जयसिंहनगर द्वारा कार्यवाही के एवज में निर्दोष कर्मचारियों का वेतन रोकने की कार्यवाही कर अपने जिम्मेदारी से बच निकलती हैं जबकि ऐसे शिकायतो में निष्पक्ष जांच कर दोषी अधीक्षिका को अन्यत्र स्थांतरण कर देना चाहिए था लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी जयसिंहनगर की कार्यवाही पर भी अभिभावकों में संदेह जताया जा रहा है अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीइओ) को अधीक्षिका को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जिले के कलेक्टर से छात्रावास में व्याप्त भ्रष्टाचार एवम अव्यवस्थाओ को लेकर शिकायत सौपा है देखना होगा की अब जिले की कलेक्टर उक्त शिकायत पर क्या कार्यवाही करती हैं।

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