ओमप्रकाश – आगर मालवा। जिला मुख्यालय पर स्थित कलेक्ट्रेट भवन में प्रति मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है जिसमें जिले के नागरिकों की अपनी-अपनी अलग-अलग समस्या का निराकरण किया जाता है, लेकिन जनसुनवाई में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां मृत पक्षी तोते का शव न्याय के लिए पहुंचा, तोता का शव जब जनसुनवाई पहुंचा तो वहां उपस्थित सभी अधिकारी स्तब्ध रह गए, दरअसल इंसानों द्वारा उपयोग में लाई जा रही चाइना डोर से तोते के पर कट गए थे और वह घायल होकर एक समाजसेवी के घर की छत पर जा गिरा समाजसेवी ने रात भर उसकी देखभाल की लेकिन सुबह होते-होते तोते ने अपने प्राण त्याग दिए।

समाजसेवी उसे लेकर न्याय के लिए जनसुनवाई पहुंचा और अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई की इस जीवन मृत्यु के खेल को रोकने के लिए चाइना डोर पर प्रतिबंध लगाया जाए एवं इसकी धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जाए। इंसानों द्वारा उपयोग में लाई जा रही यह चाइना डोर पक्षियों के लिए तो घातक थी सही बल्कि इससे इंसान को भी जान का खतरा बन गया है, कहीं जगह पर चाइना डोर की वजह से इंसानों की मृत्यु हुई है।अब सवाल यह उठता है कि जब चाइना डोर की खरीदी बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध है तो मार्केट में सरे आम पतंगबाज चाइना डोर का उपयोग कर रहे हैं ।
आखिर यह डोर आ कहां से रही है, कलेक्टर द्वारा चाइना डोर पर प्रतिबंध तो लगाया था लेकिन ग्राउंड लेवल पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई जिससे चाइना डोर का उपयोग करने एवं खरीदी बिक्री वालों की हौसले बुलंद है। अगर ऐसा ही चला रहा तो न जाने कितने बेजुबान पक्षियों को एवं इंसानों को अपने जान गंवानी पड़ेगी।
