रक्षक ही निकले भक्षक, जहां सुरक्षा मिलती उन्होंने ने ही युवती को नशीली दवाएं देकर व मारपीट कर अनजान लोगों से जबरन संबंध बनाने को किया मजबूर, पुलिस जुटी मामले की जांच में

रक्षक ही निकले भक्षक, जहां सुरक्षा मिलती उन्होंने ने ही युवती को नशीली दवाएं देकर व मारपीट कर अनजान लोगों से जबरन संबंध बनाने को किया मजबूर, पुलिस जुटी मामले की जांच में

राज कुमार – आगर मालवा। मध्यप्रदेश के आगर-मालवा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महिलाओं की सुरक्षा और मदद के लिए बनाए गए वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक पर ही एक युवती ने नशा देकर बंधक बनाने और अजनबियों से संबंध बनाने के लिए मजबूर करने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।वन स्टॉप सेंटर, जहां महिलाओं को सहारा देने का दावा किया जाता है… वहीं अब इसी सेंटर की प्रशासक भावना बड़ोदिया पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

युवती ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक आवेदन भेजकर कहा है कि उसका अपहरण कर जबरन बंधक बनाया गया, नशीली दवाएं दी गईं और अजनबियों से शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर किया गया। उसने आरोप लगाया कि भावना मैडम उसे बार-बार यह कहकर धमकाती थीं कि यदि विरोध किया, तो जान से मार दिया जाएगा।सीएसपी मोतीलाल कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि

पीड़िता का कहना है कि उसे 11 अप्रैल 2024 को अपहरण कर कई लोगों ने जबरदस्ती अगवा किया। फिर उसे पहले पानखेड़ी और बाद में वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। वहां उसे भावना बड़ौदिया की निगरानी में रखा गया, जहां उसके साथ मारपीट, डराना-धमकाना और मानसिक शोषण हुआ। युवती के मुताबिक, भावना मैडम उसे उच्च पद पर नौकरी दिलाने का लालच देकर उज्जैन भी लेकर गईं।

इस घटना से युवती का मानसिक संतुलन बिगड़ गया, और वह किसी तरह भागकर उज्जैन से वापस आगर आई। यहां वह शक्ति साधना केंद्र की मदद से प्रशासन तक पहुंची और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत की।गौरतलब है कि यह वन स्टॉप सेंटर पहले भी विवादों में रहा है। करीब तीन माह पहले 13 मई को भी एक युवती के सेंटर से गायब होने का मामला सामने आया था। अब जब इस तरह के गंभीर आरोप सामने आए हैं, तो पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकारी दावों की पोल खोल दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच में क्या सामने आता है और क्या दोषियों को सजा मिलती है या नहीं। या फिर प्रशाषन जांच में उलझा रहेगा और पीड़िता न्याय की राह तकती रहेगी।

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