आजादी के बाद पहली बार आगर जिले के इस गांव में घोड़ी पर चढ़ा दलित दूल्हा, पुलिस बल व भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी के लोग की उपस्थिति में निकला जुलूस

आजादी के बाद पहली बार आगर जिले के इस गांव में घोड़ी पर चढ़ा दलित दूल्हा, पुलिस बल व भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी के लोग की उपस्थिति में निकला जुलूस

राज कुमार – आगर मालवा। माना कि देश अंग्रेजों के चंगुल से सन् 1947 में ही आजाद हो गया था लेकिन दलित वर्ग अंग्रेजों के चंगुल से आजादी के लिए तो लड़ी रहे थे, लेकिन वह एक और आजादी के लिए लड़ रहे थे, और वह लड़ाई करीब 3000 हजार साल पुरानी थी, और वह है जातिवादी मानसिकता से आजादी की लड़ाई और वह लड़ाई अभी भी देखने को मिल रही है, एक ऐसा ही मामला आगर मालवा जिला मुख्यालय से महज 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव अंबादेव से आया है जहां पर सन् 1947 की आजादी के बाद के बाद पहली बार दलित वर्ग के दूल्हे का घोड़ी पर जुलुस निकला है।

लेकिन यह जुलूस पुलिस बल व भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में निकाला गया है, क्योंकि की उन्हें आशंका थी कि दबंग उन्हें गांव में घोड़ी पर जुलूस नहीं निकालने देंगे, प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम अंबादेव में 10 मई को गांव में एक दलित दूल्हे की शादी थी जिसकी बिनौरी का जुलूस 10 मई शाम को गांव में निकलना था

लेकिन उन्हें आशंका थी कि दबंगों द्वारा दलित दूल्हे को घोड़ी पर बिठाकर जुलूस गांव में नहीं निकलने दिया जाएगा, इसके बाद दलित दूल्हे और उसके पिता ने पुलिस व भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं से गांव में घोड़ी पर जुलूस निकलवाने हेतु सहायता मांगी थी जिस पर 10 मई की रात्रि में भारी पुलिस बल व भीम आर्मी, आज समाज पार्टी के कार्यकर्ता गांव पहुंचे व दलित दूल्हे का घोड़ी पर जुलूस निकलवाया गया, इस दौरान गांव में आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष अजय बागी, आजाद समाज पार्टी जिला अध्यक्ष भोपाल नेताजी, संभाग सचिव डॉक्टर जगदीश मालवी, शाहिद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।

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