राज कुमार – आगर मालवा। यह जो आप तस्वीर देख रहे हो यह मध्य प्रदेश के आगर मालवा की है, जहां एक और देश आजादी की 79 वीं वर्षगांठ मना रहा है वही इन ग्रामीणों के पास मृतकों के अंतिम संस्कार करने के लिए मुक्तिधाम की कोई व्यवस्था ही नहीं है, गिरती बारिश में अपने खेतों में अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करते हुए दिख रही यह तस्वीर बहुत ही निंदनीय है।
जी हां हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के ग्राम पंचायत चकबड़ा बीड़ के झंडावली पठार गांव की, जहां गांव में 22 अगस्त की रात्रि को एक बुजुर्ग मृत्यु हो जाती है, जिसका अंतिम संस्कार करने के लिए गांव वालों के पास मुक्तिधाम की कोई व्यवस्था ही नहीं है, उन्हें अपने खेत पर ही मृतक का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। इस तरह खेत में खुले में गिरते पानी में अंतिम संस्कार करने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जो अब सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

दअरसल ग्रामीणों को अपने परिजन के अंतिम संस्कार में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही वर्षा के कारण लकड़ी की व्यवस्था संभव नहीं हो सकी, जिस पर मजबूरन ग्रामीणों ने टायर की सहायता से अंतिम संस्कार किया। गांव में आज तक श्मशान घाट का निर्माण नहीं हुआ है लगभग 200 घरों की इस बस्ती में शासन-प्रशासन का ध्यान कभी नहीं गया, जिस कारण ग्रामीण वर्षों से अंतिम संस्कार के लिए असुविधा झेलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र स्थायी श्मशान घाट निर्माण की मांग की है।
