राज कुमार – आगर मालवा। आगर जिला अस्पताल के केंटीन संचालक विपिन चौहान ने सिविल सर्जन डॉ शशांक सक्सेना से प्रताड़ित होकर जहर खा लिया. जानकारी के मुताबिक युवक ने मानसिक ओर आर्थिक रूप से प्रताड़ित होकर यह कदम उठाया. युवक ने उज्जैन जाते समय रास्ते में जहर का सेवन किया जिसकी सूचना परिजनों को मिलते ही आनन फानन में उसे जिला अस्पताल उज्जैन ले गए जहां उसे प्राथमिक उपचार कर इंदौर के एमवाय अस्पताल में रेफर किया गया

फिलहाल युवक का उपचार इंदौर के एमवाय अस्पताल में जारी है वहीं युवक का एक वीडियो जहर खाने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें युवक आगर के सिविल सर्जन डॉ शशांक सक्सेना पर आरोप लगाते हुए कह रहे है कि उन्हें ओर उनकी पत्नी को डॉ शशांक सक्सेना द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है जिसकी लिखित शिकायत कई बार जिला प्रशासन को भी की गई लेकिन कार्यवाही नहीं होने की वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है. वही ज़ब इस संबंध मे जिला अस्पताल सिविल सर्जन डॉ शशांक सक्सेना से बात की गई तो उन्होंने बताया की मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार है

कैंटीन पूरी तरह नियमों के विपरीत संचालित हो रहा है यहाँ कैंटीन संचालन के लिए अनुबंध के हिसाब से जितनी जगह दी गई है उससे ज्यादा जगह संचालक द्वारा उपयोग की जा रही है. कैंटीन मे धूम्रपान वाले उत्पाद बेचे जा रहे है, कैंटीन में लकड़ी जलाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा जबकि अनुबंध के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग ही किया जाना था, वही कैंटीन मे अन्य कई नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है इसी को लेकर मेरे द्वारा कैंटीन संचालक को 14 फ़रवरी 2025 को नोटिस दिया गया था। जिसको लेकर कैंटीन संचालक द्वारा मेरे ऊपर दबाव बनाने को लेकर यह कृत्य किया गया है।
